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केरल के तट से 200 मील दूर अरब सागर में 27 द्वीपों के समूह को सामूहिक रूप से लक्षद्वीप के नाम से जाना जाता है। लेकिन लक्षद्वीप के मात्र 10 द्वीपों पर ही मनुष्य रहते हैं। इन द्वीपों पर किसी प्रकार का उद्योग नहीं है और यहां दैनिक उपयोग की सारी सामग्री दूसरे प्रदेशों से आती है। 32वर्ग किमी क्षेत्र में फैला यह द्वीप प्रकृति प्रेमियों के लिए स्वर्ग माना जाता है। समुद्र की लहरों का शोर और नारियल के पेड़ों से टकराकर लौटती हवाएं, कृत्रिम शोर-शराबे से दूर यहां के शान्त लैगून और धूप में चमकती यहां का समुद्री बीच पर्यटकों के दिलो-दिमाग पर यादगार छाप छोड़ती हैं। आप यहां समुद्री जीवन से नजदीक से रु-ब-रु हो सकते हैं। पानी के खेल में रुचि रखने वाले जैसे स्कूबा डाइविंग और स्नोर्कलिंग के आकर्षण में बहुत से पर्यटक यहां खींचे चले आते हैं। यह भारत का सबसे छोटा केन्द्र शासित प्रदेश होने के बावजूद पर्यटन के लिहाज से सबसे लोकप्रिय है।

महत्वपूर्ण दर्शनीय स्थल

कवरत्ती, कलपेनी, मिनीकॉय, कदमत, बंगारम, अगत्ती, अनद्रोथ, बित्रा