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नकारवाद

नकारवाद एक सिद्धान्त है जिसमें समस्त जगत, जीवन, आदर्श, और मूल्यों को निरर्थक, संयोगज, तथा निस्सार माना गया है।

ऐतिहासिक नकारवादी इतिहास में किसी भी अभिप्राय अथवा आदर्श की अभिव्यक्ति नहीं मानते।

नकारवादी कहते हैं कि मनुष्य की उत्पत्ति ऐसे कारणों से हुई है, जिनको अपने लक्ष्य और उद्देश्य का कोई ज्ञान नहीं था। यह सृष्टि अणुओं के आकस्मिक संयोग से हुई है। उन्नति और सफलता सभी एक दिन सृष्टि के खंडहर में दब जायेगा।