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तम्बाकू

तम्बाकू मदाक वनस्पति है जिनका सेवन मुख्यतः जीभ पर रखकर या धूम्रपान से किया जाता है। तम्बाकू अत्यन्त ही हानिकारक मादक पदार्थ है क्योंकि इसमें निकोटिन नामक एक अत्यन्त ही विषैला पदार्थ होता है। निकोटिन कितना विषैला होता है इसका अनुमान इस बात से ही लगाया जा सकता है कि इसके दो बूंद से कुत्ते तथा आठ बूंद से घोड़े की मृत्यु हो जाती है। यही विष मनुष्य के रक्त में मिलकर अनेक प्रकार के रोग उत्पन्न करता है।

निकोटिन वाले पदार्थों को चूसने से ये सर्व प्रथम पाचन तंत्र प्रणाली को हानि पहुंचाते हैं, परन्तु धूम्रपान से सबसे पहले फेफड़े विकृत होते हैं तथा इस प्रकार रक्त की सफाई करने वाला तंत्र ही खराब हो जाने से अनेक प्रकार के भयंकर रोगों से व्यक्ति ग्रस्त हो जाता है।

निकोटिन के अतिरिक्त कार्बन डायक्साइड नामक गैस भी धुएं के रूप में फेफड़े में जाता है। यहां ध्यान देने योग्य बात यह है कि यही फेफड़ा श्वास से लिए गये ऑक्सीजन को कार्बन डायक्साइड के रूप में बाहर निकालता है। इसी फेफड़े को कार्बन डायक्साइड देने से उसे अत्यन्त क्षति होती है।

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