Loading...
 
जिंक सिटेट एवं जिंक ग्लूकोनेट का प्रयोग नेजल स्प्रे और नेजल जैल में किया जाता है। रोग प्रतिरोधक क्षमता में इजाफा करने की इसकी क्षमता के चलते इसका इस्तेमाल जुकाम ठीक करने वाली गोलियों में किया जाता है। हाल में हुए एक अध्ययन के परिणामों से मालूम चला कि जिंक की खुराक सर्दी जुकाम की अवधि को कम करती है। इस अध्ययन में जुकाम ग्रस्त लोगों को मीठी चूसने वाली गोलियों में जिंक को संयोजित करके दिया गया। नतीजे में पाया गया कि इन लोगों को जुकाम कम समय तक रहा, उन लोगों की तुलना में जिन्होंने जिंक का सेवन नहीं किया। वर्कज से हमें जिंक की पर्याप्त मात्रा मिल जाती है।

- खांसी के सिरप, गले के स्प्रे या ओटीसी पेनध्कोल्ड दवाएं प्रयोग करें। साथ में गुनगुने नमकीन पानी का गरारा करें, खूब पानी पिएं और पूरा आराम करें।

- बंद नाक खोलने के लिए नेजल ड्रॉप्स प्रयोग करें या बाम मिलाकर गर्म पानी की भाप लें।

- अमरीकन लंग्स एसोसिएशन सलाह देती है कि कॉफी,

चाय, कोला पेयों से परहेज करें। शराब से भी दूर रहें। इन सभी चीजों से शरीर में पानी की कमी हो जाती है।

- पारंपरिक उपचारों और आधुनिक दवाओं दोनों का संयोजन करता है खांसी जुकाम में काम।

- सर्दी खांसी जुकाम से निपटने के लिए हमारे पास कोई एक सटीक रामबाण औषधि नहीं है। इसलिए हमें इन रोगों के निपटने के लिए बहुविध योजना अपनानी होगी। जिंक और आंवले का संयोजन बहुत कारगर है।

आंवला बरसों से विटामिन सी का सर्वोत्तम स्रोत रहा है । वैज्ञानिक आधार पर सिद्ध हो चुका है कि जिंक रोगप्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है। इन दोनों के सेवन से शरीर का सुरक्षा तंत्र इतना मजबूत हो जाता है कि रोगाणु अधिक समय तक हमें प्रभावित नहीं कर पाते। इस प्रकार बदलते मौसम के इन सामान्य संक्रमणों को पछाड़ने में और हमें फिट रखने में पुराने और नए तरीकों का सम्मिश्रण सबसे सटीक साबित होता है। इन दिनों आंवले और जिंक की खुराक लेने के लिए आप प्रतिदिन एक वर्कज का सेवन कर सकते हैं।