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जालन्धर पीठ

जालन्धर पीठ गोरक्षपद्धति की योग परम्परा में वह स्थान है जहां सदाशिव शाकिनी नामक शक्ति के साथ अवस्थित हैं।

कंठप्रदेश में विशुद्ध नामक पांचवां चक्र अवस्थित है। यह रक्तवर्ण का कमल है जो ऊर्ध्वमुख है तथा जिसमें सोलह दल हैं। इसकी स्फटिक वर्ण की कर्णिका में वर्तुलाकार आकाश-मंडल है। इस आकाश-मंडल में पूर्णचन्द्रमा निष्कलंक रूप से स्थित है। 'हं' इसका बीज है जिसके बगल में ही जालन्धर पीठ है।