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चौबोला


चौबोला एक छन्द है जो मात्रिक सम छन्द का एक भेद है। इस छन्द के द्वितीय तथा चतुर्थ चरण में 14, एवं प्रथम तथा तृतीय में 16 मात्राएं होती हैं। ऐसी परिभाषा प्राकृतपैंगलम् में दी गयी है। परन्तु हिन्दी के चौबोला में समचरण होता है तथा सभी चरणों में 15 मात्राएं ही होती हैं। भानु ने इसी लिए इसे 15 मात्राओं वाला समचरण छन्द ही माना है।

चौबोला में वीर तथा श्रृंगार रस की प्रधानता होती है। इस छन्द में केशव, सूदन तथा रघुराज ने बड़ी सुन्दर रचनाएं की हैं।