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घत्तानन्द

घत्तानन्द एक मात्रिक अर्धसम छन्द है। घत्ता छंद के समान ही इसमें भी दो ही पंक्तियों में रचना की जाती है, अर्थात् यह भी द्विपदी है।

घत्तानन्द की प्रत्येक पंक्ति में 31 मात्राएं होती हैं। ये मात्राएं 11, 7, तथा 13 के विरामों में विभक्त होती हैं।

अपभ्रंश काव्य में इसका प्रयोग बहुतायत में मिलता है।

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