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गाजर को फल, सब्जी एवं सलाद के रूप में उपयोग किया जाता है। इसे एक संतुलित आहार भी माना जाता है। गाजर अत्यन्त स्वादिष्ट और सस्ती होती है। गाजर दो तरह की होती है। एक काली गाजर, दूसरी लाल गाजर। दोनों ही स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद होती है। काली गाजर कम पैदा होती है। इसका उपयोग भी कम होता है मगर हाजमे के लिए काली गाजर बहुत प्रयोग में आती है, परंतु लाल गाजर चूंकि अधिक मात्रा में पैदा होती है इसलिए आमतौर पर इसी को प्रयोग में लाया जाता है। कच्ची गाजर का सेवन बच्चों, युवाओं, बूढ़ों के स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद है।

गाजर कई प्रकार से इस्तेमाल की जाती है। इसका उपयोग घर में सब्जी बनाकर किया जाता है। इसका दूध में हलवा बनाया जाता है। इससे ही गाजर पाक भी बनाया जाता है। इसका रायता भी बनाया जाता है और भी कई प्रकार की वस्तुएं बनाएं बनाई जाती हैं। गाजर का मुरब्बा बहुत फायदेमंद होता है। गाजर का मुरब्बा गृहिणी घर में भी बना सकती है। इसका मुरब्बा खाने से सांस और दमा के मरीजों को काफी आराम होता है। जिन माताओं में दूध की कमी पाई जाती है, वे गाजर का रस रोजाना सेवन कर इस कमी को दूर कर सकती हैं। यह रस कैंसर के रोगियों को पिलाया जाए, तो बहुत राहत मिलती है। इसका रस आंखों और दांतों के लिए फायदेमंद है।

गाजर का रस भूख बढ़ाकर शरीर में लौह तत्व की कमी को पूरा करता है। जिन रोगियों में खून की कमी पाई जाती है, उन रोगियों को गाजर के रस का खूब सेवन करना चाहिए। इसका रस पीने से शरीर में खून की कमी नहीं रहती, गाजर का सेवन खून साफ करने के लिए भी किया जाता है। गाजर का सेवन करने से आंख, दांत, कान, पेट, कब्ज आदि रोगोंके लिए अति आवश्यक है।

पेशाब में खून का जाना, आंत में दर्द होना, आंत फूल जाना तथा आंखों में जख्म होना आदि विभिन्न प्रकार के पुराने रोगों से बचाव के लिए गाजर का सेवन करना अति उत्तम है। सबसे अच्छी बात तो यह है कि गाजर प्रत्येक मौसम में मिल जाती है, परंतु जाड़ों में कुछ अधिक मात्रा में पैदा होती है। जाड़ों में अच्छी और ताजी गाजर सस्ते दामों में मिल जाती है।