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आत्मप्रलम्बन

मनोविज्ञान में आत्मप्रलम्बन आत्मप्रक्षेपण के अत्यधिक उन्नत तथा उदात्त स्वरूप को कहा जाता है।

व्यक्ति अपने लिए जब किसी उच्च आदर्श की परिकल्पना करता है तो उससे आवेशित होकर वह उसके अनुरूप स्वयं को ढालने का प्रयत्न करने लगता है। मानव मन के इसी कार्य को आत्मप्रलम्बन के नाम से जाना जाता है।

इससे व्यक्ति धीरे-धीरे उच्च आदर्शों की ओर प्रेरित होता है तथा स्वयं को अहंकार और अन्य अनेक प्रकार के दोषों से मुक्त कर लेता है।

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