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अनित्य

अनित्य वह है जो विद्यमान है परन्तु किसी कारण से। अर्थात् जो स्वयं में विद्यमान नहीं है बल्कि उसके विद्यमान रहने के पीछे कोई न कोई कारण है।
इस प्रकार जब कारण बदल जाता है तो उसका विद्यमान रहना सम्भव नहीं होता जिसके कारण वे सभी अनित्य हैं।
जो कार्यरूप पृथ्वी आधि पदार्थ तथा उनमें रूप, रस, गन्ध, स्पर्श आदि गुण है सभी द्रव्यों के अनित्य होने से अनित्य हैं।
सभी अनित्य पदार्थों में कार्य तथा कारण का सम्बंध होता है।


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